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Ghaziabad, UP, India
Principal Maharishi Vidya Mandir Obaidullaganj- M.P.

Tuesday, August 13, 2013

आजादी कहें या स्वतंत्रता ये ऐसा शब्द है जिसमें पूरा आसमान समाया है। आजादी एक स्वाभाविक भाव है या यूँ कहें कि आजादी की चाहत मनुष्य को ही नहीं जीव-जन्तु और वनस्पतियों में भी होती है। सदियों से भारत अंग्रेजों की दासता में था, उनके अत्याचार से जन-जन त्रस्त था। खुली फिजा में सांस लेने को बेचैन भारत में आजादी का पहला बिगुल 1857 में बजा किन्तु कुछ कारणों से हम गुलामी के बंधन से मुक्त नही हो सके। वास्तव में आजादी का संघर्ष तब अधिक हो गया जब बाल गंगाधर तिलक ने कहा कि “स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है”।

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http://www.achhikhabar.com/2013/08/14/15-august-independence-day-swatantrta-divas-essay-in-hindi/

Wednesday, April 10, 2013

Bhartiya Nav Varsh

Bhartiya Nav Varsha ki Hardik Badhaii.
Nav Samvatsar Aap Sabhi ke liye Shubh  Avm Mangalmay Ho.
Jay Hindutava.... Jai Ma Bharti.

Bhartiya Nav Varsha

दोस्तों,स्रष्टि का प्रथम दिवस यानि जहाँ से दुनिया की गणना शुरू होती है,वह है भारतीय स्रष्टि संवत.यह १९७२९४९१११ वर्ष  यानि एक अरब सतनावें करोड़,उनतीस लाख उनचास हज़ार एक सौ ग्यारह वर्ष पुराना है.यह गणना १६ मार्च २०१० अर्थात विक्रम संवत २०६७ तक है.
भारतीय कैलेंडर का निर्माण सूर्य,चन्द्रमा.तथा अन्य ग्रहों की चाल पर आधारित है,किसी राजा (जैसा की अंगेरजी कैलेंडर मे है)के जन्म दिन या उसकी मर्ज़ी पर आधारित नहीं है.
हमारे कैलेंडर मे दिन,महीने आदि के नाम भी नक्षत्रों की गति पर ही आधारित तथा पूर्णतया वैज्ञानिक हैं.
जो लोग टेलीविजन पर स्रष्टि ख़त्म होने की बात करते हैं,उन्हें बताना चाहता हूँ कि भारतीय गणनाओं के अनुसार अभी स्रष्टि ख़त्म होने मे ४ लाख, २६ हज़ार, ८६५ वर्ष, कुछ महीने, कुछ पक्ष, कुछ सप्ताह, कुछ दिन, कुछ प्रहर, कुछ घटिकाएं,कुछ पल,कुछ विपल बाकी हैं.
भारतीय नव वर्ष का प्रारंभ सूर्योदय कि प्रथम किरण के साथ चैत्र मॉस शुक्ल प्रतिपदा से होता है.इस वर्ष यह शुभ अवसर  11 April   नव वर्ष का स्वागत अपने इष्ट देव तथा बुजुर्गों के आशीर्वाद के साथ शुरू करें.
अगर आपको मेरा यह सन्देश अच्छा लगे तथा उचित लगे तो अन्य मित्रों को भी भेजने कि कृपा करें. 
Yah Sandesh Nimn Blog se Sabhar Liya gaya hai:
डॉ अ कीर्तिवर्धन
०९९११३२३७३२,०९५५५०७४२०४,०१३१२६०४९५०

 
 
 
 

Friday, January 11, 2013

Aaj Ma Bharti ke Mahan Saput Swami Vivekanand ji ki 150 vi Jayanti hai.
Iss Avsar par Desh Bhar mein Swamiji ke vichron ke prachar aur prasar ke liye bahut se sanghatan karyrat hain.
Mahapurushon ke sapno ke bharat ke nirman ke liyehamein jut jana hoga. India ko Bharat hi Banana hai.
Hamara Bhavisya Bharat hai Indiya Nahi. Jo Ise India Banane pe tule huain hein unhe Europe ya America jakar bas jana chahiye.
Bharat ke liye Bharat ke swabhiman ke liye swamiji ke vichron ka adhyayan avasya karein.
Jai Hind Jai Bharat.

Visit karein: 

www.ramakrishnavivekananda.info

स्वामीजी का  शिकागो भाषण  :